मै एक 25 साल का जवान युवक हुं मेरी लम्बाई 5.6 इंच है पेशे से मै एक कंम्पयूटर हार्डवेयर इंजीनियर हुं
मेरा कमरा तीसरी मंजिल पर है और खिड़की की विपरीत दिशा मे मेरा कंम्पयूटर रखा हुआ है
और सामने की छत से कंम्पयूटर का स्क्रीन साफ-साफ दिखता है मै रोज उस मे नग्गी-नग्नी फोटोये देखता हुं
सामने की छत पर एक औरत रोज कपड़े सुखाने आती है मुझे नहीं पता था की वो रोज मुझे छुप कर देखती थी
एक दिन मै उसे ऐसा करते देखा लिया, तब से मै उसे रोज छुप के देखने लगा ,
मुझे वो अच्छी लगाने ली मैंने उसके बारे मे पता किया तो पता चला की उसका नाम मीनाक्षी है और वो पेशे से टीचर है
और उसका पति एक मोटा व्यापारी था लगभग 44-45 साल का , बहुत अमीर लोग थे वो ,मीनाक्षी लगभग 34 -35 साल की होगी
पर भगवान ने उसे क्या बनाया था एक एक अंग को जैसे सांचे मे बनाया हो | उसकी साइज 36-32-36 है उसके मोमे इतने मोटे थे
की जैसे किसी गंज्जे आदमी का सर , उसकी गण्ड ऐसी उठी थी की जैसे हिमालय के दो विशाल पर्वत , जब मैंने उसे पहली बार देखा
तो देखता ही रह गया , जब वो साड़ी पहनती थी तो क्या कयामत लगती थी
बस उसी को चोदने के सपने देखने लगा |
अचानक भगवान ने मेरी सुन ली एक दिन उन के घर मे बिजली से शॉट सर्किट हुआ और घर का कंम्पयूटर जल गया
मेरी गली मे एक बिजली का काम करने वाला लड़का रहता है वो मेरा अच्छा दोस्त है वो वहां गया उसने बिजली तो थी कर दी
पर कुछ समान लेने वो बाजार चला गया बिजली आने के बाद जब कंम्पयूटर चालू नहीं हुआ
तो उन लोगो ने आपने कंम्पयूटर वाले को फोन किया इंजीनियर आया
इंजीनियर कंम्पयूटर तो पूरा जल गया है इसका कुछ भी नहीं हो सकता
इतना सुनते ही मीनाक्षी रोने लगी | तो उसके पति ने कहा की मै दो तीन कंम्पयूटर वालों को जानता हु
उसने एक एक करके सभी को बुलाया पर सबने जवाब दे दिया मीनाक्षी रोना सा मुँह लेकर बैठ गई शाम को मेरा दोस्त आया
उसने ये सब देखा और कहा की मेरा एक दोस्त कंम्पयूटर ठीक करता है आप कहे तो मे उसे बुलाऊँ, उसने मुझे फोन किया
मैंने उसके घर गया वो मुझे देखा हैरान हो गई पर वो रोए जा रही थी
मैंने कंम्पयूटर देखा पावर सप्लाई ,मदरबोर्ड़ की दो आई-सी और हार्डडिस्क का लॉजिक कार्ड जल चुके थे
मै सब जल गया है ज्यादा खर्च होगा आप नया क्यो नहीं दे लेते
इतना सुनते ही मीनाक्षी रोने लगी |
मै ऐसा क्या है इस कंम्पयूटर मे जो आप इतना परेशान है
मीनाक्षी मै एक स्कूल टीचर हू और इसमे स्कूल के बच्चों के पेपर है और दो दिन बाद मुझे ये प्रैस मे छापने के लिये देने थे
अगर टाइम से नहीं छपे तो बच्चे पेपर कैसे देगे और मै अकेली दो दिन मे इतने सारे पेपर तैयार नहीं कर सकती मुझे तो स्कूल वाले नौकरी से निकाल देगे
मैं कोई बात नहीं मै देखता हुं आप परेशान मत हो
मैंने कंम्पयूटर उठाया और नेहरू प्लेस से उसका पावर सप्लाई और मदरबोर्ड़ ठीक करवा दिये और
कंम्पयूटर को घर ले आया मेरे पास उसी कंपनी की वैसी ही एक हार्ड-डिस्क और थी मैंने उसका कार्ड उस खराब हार्ड-डिस्क मे लगा दिया
और किस्मत की बात है जो वो कार्ड चल गया और कंम्पयूटर चालू हो गया ये सब करने मे मुझे रात के दो बज गए थे
मैंने उसी टाइम मीनाक्षी को फोन किया और मै आपकी मशीन ठीक हो गई है मीनाक्षी मुझे यकीन नहीं होता इसे तो सबने माना कर दिया था
मुझे अभी देखना है आप कंम्पयूटर चालू करो मै छत पर आती हु छत से तुम्हारे कमरे का कंम्पयूटर स्क्रीन साफ दिखता है
वो छत पर आई और आपना कंम्पयूटर चलता देखा बहुत खुश हुई मैंने कहा सुबह मै आपका कंम्पयूटर दे दूगा
रात को मैंने उसकी हार्ड डिस्क का डाटा देखा मै तो देख का हैरान रह गया इसमे तो बहुत सारी ब्लू फिल्मे थी
सुबह मैंने उसका कंम्पयूटर दे दिया उसने उसी टाइम सारे पेपर प्रैस वाले को मेल का लिये और फिर खुश होकर बोली हां तो अभय जी क्या लेगे चाय या कॉफी मैने मन ही मन ये कहा रहा था की मन तो तेरी चुत लेने को कर रहा है पर भगवान ने मेरी ऐसी किस्मत नहीं बनाई
मैंने कहा जी कुछ नहीं
मीनाक्षी ने कहा की आपने इसमे कुछ देखा तो नहीं मैंने हँसते हुये कहा अब मरीज़ डॉक्टर के पास आया है
तो डॉक्टर उसे पूरी तरह देखेगा तभी तो इलाज होगा न ,उसका चेहरा शरम से लाल हो गया मीनाक्षी तो आपने वो सारी ब्लू फिल्मे देखी मैं हां
कुछ देर कमरे मे शांति रही और फिर
मैं डरते हुये एक सवाल पुछू आप बूरा तो नहीं मानेगी
मीनाक्षी नहीं
मै क्या आप मुझे आपनी छत से रोज़ देखती है जैसे रात देखा था
मीनाक्षी हां और आप रोज़ आपने कंम्पयूटर पर ब्लू फिल्मे देखते है
मै कुछ डर सा गया
मीनाक्षी डरो मत ब्लू फिल्मे तो मुझे भी अच्छी लगती है और हर इसान की आपनी-आपनी पसद होती है कमरे मे कुछ दे शांति रहती है कुछ दे बाद
मीनाक्षी आज आपने मेरी नौकरी को बचाया है बोलिए मै आप के लिये क्या कर सकती हू अगर लाइफ मे मै आपके कुछ काम आ सकती हू तो मुझे बहुत खुशी होगी मुझे लगा की किस्मत एक बार फिर वही खेल खेल रही है जो 6 साल पहले खेला था मै आपने आप को फिर दुख नहीं पहँचना चाहता था इसलिए मै गुस्से मे उठा और बाहर चला आया |
उसने मुझे रोकना चाहा पर मै नहीं रुका |
मैंने कहा की काम है
शाम को उसका फोन आया मैंने नहीं उठाया , फिर अगले दिन उसका फिर फोन आया मैंने फोन उठाया
मीनाक्षी क्या हूआ आप ऐसे क्यो चले आए मुझे पता है की आपका को काम नहीं था मेरी कोई बात बुरी लगा गई आपको
मै कोई बात नहीं मै कल कुछ उदास था और आपने कहा की मै आप के लिये क्या कर सकती हू तो मुझे किसी की याद आ गई
मीनाक्षी बहुत प्यार करते थे
मै हां
मीनाक्षी अब कहा है वो
मै यही इसी शहर मे
मीनाक्षी क्या वो तुमसे मिलती है
मै नहीं वो मुझे मिलना नहीं चाहती
मीनाक्षी कोई बात नहीं तो तुम किसी और लड़की से दोस्ती का लो
मै मुझसे कौन दोस्ती करेगा
मीनाक्षी तुम उदास मत हो मै हू ना आज से मै तुम्हारी दोस्त हो
मै आपके आपने पाना के लिये शुक्रिया पर देवी जी मुझे एक दोस्त से भी जायद की चाहिए
मीनाक्षी इसका जवाब मै कल दुगी
उस रात मै सो नहीं पाया भगवान आ शुक्रिया करता रहा की चलो लड़की नहीं तो औरत तो मिली इतने सालों के बाद | उसी रात को उसका एस एम एस आया की तुम्हें एक औरत चलेगी मैंने जवाब मै इतना लिखा की दोस्ती और प्यार मै उम्र नहीं देखी जाती
रात को ही उसका फोन आया
मीनाक्षी कैसे हो
मै ठीक हू आप कुछ जवाब देने वाली थी और आपके पति कहा है
मीनाक्षी वो सो रहे है तुम्हें एक बात बताती हू मै एक गरीब परिवार से हू और पैसे के लिये मैंने इनसे शादी तो कर ली पर ये बूढ़े हो गए है और मै प्यारी रह जाती हू और आज भी प्यासी हू जब तुमने मुझे कहा की तुम्हारी भी एक दोस्त थी जो अब नहीं है तो मुझे लगा की तुम भी मेरे तरह प्यासे हो
मै मीनाक्षी मुझे नहीं पता था की तुम इतनी दुखी हो तुम्हारे आगे तो मेरा दुख कुछ भी नहीं मै तो नदी दे दूर हू पर तुम तो नदी मे रहकर भी प्यासी हो अगर मै तुम्हारे लिये कुछ कर सकता हू तो बताओ
मीनाक्षी ठीक है परसों रात को मेरे पति कुछ काम से बाहर जा रहे है और अगले दिन रात को आएँगे तुम रात मै आ जाना मै दरवाज़ा खोल दुगी
मै मीनाक्षी अब तू दुखी मत हो मै तुम्हें और प्यासा नहीं रहने दूगा अब से तुम्हारे सारे दुखो का अंत हो गया समझो
मीनाक्षी मुझे नहीं लगता था की ये दिन भी आएगा
तभी अचानक मीनाक्षी का पति उठ कर पानी पीने आता है और मीनाक्षी फोन कट देती है
अगले दिन उसका फोन आया शाम को
मीनाक्षी हैलो क्या हाल है
मै ठीक हु बस आप के ही ख्यालों मे जी रहे है
मीनाक्षी अच्छा एक खुशखबरी सुनो मेरे पति आज ही जा रहे है
मै मुबारक हो
मीनाक्षी अच्छा तुम आज ही आ सकते हो
मै ठीक है कब
मीनाक्षी रात मे 10 बजे
मै ठीक है
रात लगभग 9.30 बजे उसका फोन आया और मै उसके घर के पीछे के दरवाजे से अंदर गए |
अंदर तो मे उसे देख कर हैरान हो गया था उसने काले रंग की साड़ी पहनी थी और उसका पल्लू जो की कन्धो आधी छाती को ही छुपा रहा था और उसके दोनो मम्मे लगभग आधे बाहर थे मम्मो के ऊपर का हिस्सा क्या कमाल का लगा रग था एक दम गोरे गोरे
मै उसके तरफ़ गया और उसके होटों पर एक आपने होटों को रख कर एक जोरदार चूमन दिया वो मेरे बाहो मे गिर गई मै उसे उठा कर कमरे मे ले गया उसने कमरे मे एक टी वी पर ब्लू फिल्म लगा दी फिर उसने मुझे आपने हाथों से खाना खिलाया फिर हम दोनों एक दुसरे से चिपक गए और इसे तरह रहे
फिर मैंने उसके होटों पर किस किये फिर गर्दन पर फिर मैंने ब्लाउज़ उतार दी उसने अंदर ब्रा पहनी थी फिर मैंने उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके चुचो को दबया ऐसी टाइट छाती तो मै आज तक नहीं दबाई और नहीं ही देखी
मैंने उसके एक चुची को दबाया तो उसके मुँह से आह आह की आवाज निकालने लगी
वो बोली मेरे राजा आराम से दबाओ | साल बहनचोद मेरा पति कभी इन्हे छूता भी नहीं है फिर मैंने उसकी दूसरी चुची को भी दबाया फिर मै उसकी ब्रा भी उतार दी
क्या मस्त मम्मे थे उसके | मुझसे रहा नहीं गया मैंने एक को मुँह मै लिया और दूसरे को हाथ से दबाया एक हाथ मे तो साली आ ही नहीं रही थे फिर मैंने पोजीशन बदली और एक को मुँह मे और दूसरी को हाथो से दबाया जैसे जैसे मै दबाता उसके मुँह से आह आह की आवाज निकाल रही थी फिर मैंने उसका पेटेकोट का नाड़ा भी खोल दिया और आपना एक हाथ धीरे धीरे उसके पेट से फिरते हुये उसके पेटीकोट के अंदर डाल दिया और उसकी जांघों को सहलाने लगा फिर मै उसके पेट पर एक किस किया और उसका पेटीकोट धीरे धीरे उतार दिया अंदर उसने कच्ची पहन रखी थी मैंने उसके जांघों पर किस किये और उसकी कच्ची भी उतार दी अंदर तो एक दम साफ था लगता था की आज ही सफाई की हो फिर मैंने उसकी चुत मै ऊगली डाली और उसके ऊपर लेट कर उसकी चुत के दाने को हिलता रहा जैसे जैसे उसकी चुत मै उगली हिलाता वैसे वैसे उसके मुँह से आह आह की आवाज आ रही थी थोड़ी देर मै मुझे उसके चुत कुछ गीली गीली लगी और वो झड़ गई
अचानक वो बोली बहन के लोड़े क्या तुझे उंगली से चोदने के लिए बुलया है
मै बोला इंतज़ार करो मेरी रानी मै तुम्हारे पति की तरह नहीं हु जो सिर्फ आपने बारे मे ही सोचू सिर्फ खुद ही मजे लू हो तुम्हें प्यासा रखू
असली मज़ा तो आना बाकी है फिर मैंने आपने कपड़े उतरे और कच्छे मे ही उसके ऊपर चढ़ गया फिर मैंने उसकी जांघों को सहलाया और उसकी चुत पर किस किया और उसकी चुत मे की आपनी जीभ घूसा दी और उसके कुल्लो को पकड़ कर अपने जीभ को अंदर बाहर करने लगा चुत का पानी कुछ नमकीन सा ला पर मै उसे पीता चला गया जैसे जैसे मै जीभ को अंदर बाहर करता उसके मुह से आह आह की आवाज निकाल रही थी उसने मेरे सर के बाल इतनी ज़ोर से पकड़ लिए शायद कुछ बाल उसके हाथ मे भी आ गए मैंने मन ही मन सोचा शायद शादी के बाद कुछ लोग इसी तरह से गंजे हो जाते है,
थोड़ी देर मे की उसकी चुत मे से पानी निकालने लगा वो अब दूसरी बार छड़ गई
फिर उसने थोड़ी देर आराम किया फिर बोली तुमने तो मुझे बिना चोदे ही शांत कर दिया
फिर मैंने अभी तो तुम्हें चोदना है ये तो तुम्हें गर्म करने के लिए था फिर मैंने उसके होठों पर किस किया उसने अपना हाथ मेरे कच्चे मै डाल दिया और मेरे लाँड़ा पकड़ लिया मैंने आपना कच्छा उतार दिया उसने लोड़े को पकड़ कर कहा की साल मेरा पति तो कभी इसे पकड़ने ही नहीं देता है उसे क्या पता की इसे पकड़ने मे औरत को वही मज़ा आता जो मम्मो को पकड़ने मे आदमी को आता है
फिर उसने मेरा लोड़ा आपने मुँह मे ले लिया और ऐसे चूसने लगी जैसे एक छोटा बच्चा ललीपोप को चूसता है क्या मजा आ रहा था मै बता नहीं सकता
फिर मैंने उसे लेटने को कहा वो लेट गई मै उसके उपर चढ़ गया और उसके होटों पर किस किया और आपने लोड़ा को उसके चुत मै डाल पहले धीरे धीरे ऊपर ही रखा फिर हल्का सा झटका दिया लन्ड का टोपा ही अंदर गया उसे हल्का सा दर्द हुआ बोली उनका लड़ जल्दी ही झड़ जाता है तो वो ज्यादा अंदर नहीं देते इसलिए ये इतनी टाइट है मैंने और ज़ोर लगाया तो कुछ अंदर गया उसे दर्द हो रहा था मैंने एक जोरदार मर्दो वाला झड़का लिया लन्ड पुरा का पूरा चुत मे जा चुका था उसे दर्द हो रहा था वो दर्द से तड़प रही थी मैंने फिर लन्ड निकाल कर पूरा का पूरा फिर डाला दिया इस बार आराम से चला गया फिर मैंने आपनी स्पीड बड़ाई ज़ोर ज़ोर से उसे चोदने लगा अब उसे भी मज़ा आने लगा वे भी गंड उठा उठा का साथ देने लगी बोली मेरे राजा आज तक मुझे इतना मज़ा कभी नहीं आया था तभी मुझे लगा की मेरा होने वाला मेने आपने झटके कम कर दिये और मन को कही और ले गया इससे मुझे कुछ टाइम और मिल गया इतनी देर मे वो तीसरी बार झड़ गई फिर मैंने आपनी स्पीड बढ़ाई कुछ बाद मे भी झड़ने वाला हो गया तो वो बोली मेरी चुत मे झड़ना मुझे तू जैसा समझदार बच्चा चाहिए मै उसकी चुत मे ही झड
कुछ देर हम ऐसे ही रहे
उस रात हमने चार बार सेक्स किया सुबह उसने मुझसे कहा की तुम ही मेरे पति हो
आज तुमने मुझे सच्चे सुख दिया है सच मे तू ही औरत की योवन भावना को समझ सकते हो जो तुमने मुझे समझा I love you
.
दोस्तो ये मेरी आपको एक छोटी सी भेट ये मेरी पहली कहानी थी अगर कोई गलती हो तो माफ़ कर देना और मुझे मेल करके बताना की ये कहानी कैसी लगी मुझे आपकी मेलो का इंतजार रहेगा
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