मेरा
नाम अजय है, मैं २० साल
का हूँ। अपने कंप्यूटर
पर मैं बहुत की व्यस्क
साईट देखता हूँ और अपने
दोस्तों को भी बताता
हूँ।
कुछ समय पहले मैंने गे
साईट भी देखना शुरू किए
हैं। उन्हें देखने के
बाद मैं जैसे गे बन गया
हूँ पर मैं लड़कियों के
भी वयस्क साईट देखना
पसंद करता हूँ।
मेरा एक दोस्त है उसका
नाम अभिजीत है। वह भी
ऐसे ही करता है। हम
दोनों अकेले में साईट
देखते हैं और मुठ मारते
हैं और एक दूसरे को
बताते हैं कि पिछली रात
हमने कैसे मुठ मारी।
अब मैं आपको हमारी असली
कहानी बताने जा रहा
हूँ।
एक दिन मैं अपने
कंप्यूटर पर वयस्क
साईट देख रहा था और
धीरे धीरे में नंगा हो
गया था। अभिजीत को पता
था कि साईट देखते देखते
मैं नग्न हो जाता हूँ।
वह भी ऐसा ही करता है और
कभी कभी हम दोनों एक
दूसरे का लण्ड भी पकड़
लिया करते हैं।
बात उस दिन की है जब
मेरे घर पर कोई नहीं
था। मैं दोपहर के वक्त
मैं अपने कंप्यूटर पर
वयस्क साईट देख रहा था।
मैं एक गे साईट देख रहा
था। मैंने सोचा कि
क्यूँ न मैं भी अभिजीत
के साथ ऐसा ही करूँ !
तो मैंने उससे फ़ोन पर
कहा कि वह मेरे घर आ
जाये।
थोड़ी देर में वो आ
गया। मैंने खिड़की से
देख लिया था कि वो आ रहा
है।
मैं जल्दी से गया और
दरवाजा खोल दिया और
अपने कमरे में आकर अपने
सारे कपड़े उतार दिए।
अभिजीत अन्दर आया,
मैंने उससे कहा कि वो
दरवाजा की कुण्डी लगा
कर अंदर आ जाये !
जब वो अन्दर आया तो
मुझे देख कर दंग रह
गया। मैं उसके सामने
नंगा खड़ा था और अपने
जिस्म पर हाथ फेर रहा
था।
अभिजीत हँसने लगा और
बोला- तेरा तो मेरे
बराबर का ही लंड है !
मैंने कहा- तू अपना
दिखा !
उसने कहा- कोई आ
जायेगा।
मैंने कहा- कोई नहीं
आयेगा, तू अपना लंड
दिखा !
उसने अपनी चैन खोली और
अपने लण्ड को बाहर
निकाल कर दिखाया।
मैंने उसका लंड पकड़ा
और खेलने लगा। उसने भी
मेरा लंड पकड़ लिया और
हिलाने लगा।
हम दोनों साईट देखने
लगे।
मैंने अभिजीत से कहा-
तू भी पूरा नंगा हो जा !
उसने एक एक करके अपने
सारे कपड़े उतार दिए।
मैंने उससे कहा- अभिजीत,
अपन भी ऐसा करें क्या ?
अभिजीत बोला- ठीक है !
मैंने उसके होटों पर
लम्बा चुम्बन लिया और
लेट गया। वो मेरे छोटे
छोटे चुचूक चाटने लगा।
मैं उसके लंड से खेल
रहा था।
उसने कहा- चल, मेरा मुँह
में ले ले !
मैंने उसका लंड पकड़ा
और अपने मुँह में ले
लिया, खूब देर तक चूसा !
फिर उसने मेरा लण्ड
अपने मुँह में लिया और
देर तक चूसा।
फिर हम दोनों 69 अवस्था
में आ गए ताकि दोनों एक
दूसरे का साथ में चूस
सकें।
हम दोनों पूरे नंगे थे,
बहुत मज़ा आ रहा था।
फिर अभिजीत का छुट गया
और उसने मेरे मुँह में
अपना चेप छोड़ दिया।
थोड़ी देर बाद मेरी भी
छुट हो गई और मैंने
उसके मुँह में अपना चेप
छोड़ दिया।
फिर हम दोनों नंगे ही
पड़े रहे।
थोड़ी देर बाद अभिजीत
ने मुझे चोदा। मैं भी
उसका खूब साथ दे रहा
था।
बाद मैंने भी उसको चोदा
और हम दोनों नंगे पड़े
रहे।
शाम होने पर वो चला गया
और हमने तय कर लिया कि
जब हम दोनों में से कोई
अकेला होगा वो अपने घर
में दूसरे को बुला
लेगा।
और कुछ दिनों बाद
अभिजीत के यहाँ सब लोग
गाँव चले गए, तो मैं
उसके यहाँ पढ़ने के
बहाने रात में जाता था
और वहीं सो जाता और रात
भर हमारा चुदाई
कर्यक्रम चलता था।
हम दोनों नंगे ही सो
जाते थे और जिसकी भी
नांद खुलती थी वो बस
दूसरे को चोदने लग जाता
था।
आपको मेरी कहानी कैसे
लगी मुझे जरूर बताएँ।
मैं लड़कियों को भी
चोदना पसंद करता हूँ।