जब तक बड़ी बहन की शादी नहीं हो गई हम चारों रोज ही चुदाई और लंड चुसाई का मजा लूटते रहे ! बाद में जब एक बहन की शादी हो गई तो हम तीनों यानि भैया, मेरी बहन और मैं लगभग रोज ही चुदाई करते रहे ! चूंकि मेरा लंड भैया से बड़ा और मोटा था तो मेरी बहन मुझसे चुदाना पसंद करती थी ! लेकिन भैया को भी चोदने देना पड़ता था ! मज़बूरी भी थी और वो पहले से ही उसको चोदता था !

इस बीच जब भी ताउजी की लड़की से जब भी फ़ोन पर बात होती थी तो कहती- संजय तेरी बहुत याद आती है !

मैंने कहा- आ जाओ ना !

उसने कहा- आने का तो बहुत मन है ! तेरा लंड चूसने और तुझसे चुदवाने का बहुत मन करता है !

मैंने पूछा- क्या जीजा जी नहीं चोदते ?

तो उसने रोते हुए कहा- उनका लंड छोटा भी है और तेरे जैसा ज्यादा मजा भी नहीं देते !

मैंने कहा- मैं ही आ जाता हूँ !

उसने कहा- जल्दी से आ जाओ !

उसके बाद मैंने उसकी ससुराल जाने के लिए किसी तरह अपने घर वालों को राजी किया और उसके यहाँ पहुँच गया !

वहां पहुँचते ही उसने मुझे गले लगा लिया और मुझसे बुरी तरह से लिपट गई और मुझे चूमने लगी !

मैंने उससे पूछा- घर में कोई नहीं है क्या ?

तो उसने कहा- माँ, बाबूजी और तेरे जीजा काम पर गए हैं, शाम को ही आएंगे !

तो मैंने उससे एक बार चुदाई करने को कहा क्योंकि मैं तो उसको चोदने को मरा जा रहा था !

उसने कहा- भैया जल्दी से चोद लो ! मैं भी तो मरी जा रही हूँ चुदवाने के लिए ! लेकिन जरा जल्दी करना, क्योंकि मेरी ननद कालेज से आने ही वाली होगी !