बात उस समय की है जब मैं अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर रहा था। मैं उसी समय एक स्कूल में टीचर के रूप में भी काम करता था। मैं दसवीं तक के बच्चों को पढ़ाता था। उसमें लड़के और लड़कियाँ दोनों ही थी। दसवीं क्लास की लड़कियों को मैं हमेशा पटाने की कोशिश में रहता था। उनकी चूचियों को देख कर मेरे मुँह में पानी आ जाता था।

उसी समय दसवीं की एक लड़की मेरे से पट गई। वो बहुत ही सुंदर थी, उसकी चूची देख कर तो मैं पागल ही ही जाता था। वो उस समय ब्रा नहीं पहनती थी, केवल टॉप पहनती थी और ऊपर से शर्ट ! जब वो चलती थी तो उसकी चूचियाँ इस तरह से उछलती थी जैसे कि दो गेंदें उछल रही हों।